आखिरकार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण
रामनगर। के छोई क्षेत्र में 23 अक्टूबर की रात हुई सनसनीखेज़ घटना का मुख्य पात्र मदन मोहन जोशी मंगलवार को क़ानून के आगे झुक गया। लंबे समय से गिरफ्तारी से बचते फिर रहे मदन जोशी ने अचानक रामनगर कोतवाली पहुँचकर पुलिस के सामने खुद को पेश कर दिया।
रिपोर्टर मोहम्मद कैफ खान
घटना उस समय सुर्खियों में आई थी जब एक डी-फ्रिजर पिकअप वाहन में ले जाए जा रहे लाइसेंसधारी मीट को लेकर सोशल मीडिया और मौके पर मौजूद भीड़ के बीच अफवाह फैल गई। आरोप है कि मदन जोशी ने भीड़ को भड़काया, जिसके बाद हालात बिगड़ते गए और वाहन चालक को हिंसक भीड़ ने बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने चालक को भीड़ से निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
पशु चिकित्सक की शुरुआती जाँच में वाहन में रखा मांस भैंस का पाया गया जिसके बाद घायल चालक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने भी घटना का संज्ञान लिया और कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जाँच बैठाई गई। तकनीकी सबूत वीडियो सीसीटीवी और सोशल मीडिया लाइव स्ट्रीम के माध्यम से कुल 16 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 14 गिरफ्तार किए जा चुके हैं जबकि 2 ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। जाँच में यह भी सामने आया कि घटना के दौरान सोशल मीडिया लाइव के जरिए माहौल को और भड़काने की कोशिश हुई। कोर्ट ने मुख्य आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को पहले ही खारिज कर दिया था, वहीं पुलिस ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी थी।
इन्हीं दबावों के बीच मंगलवार 25 नवंबर को मदन जोशी ने कोतवाली पहुँचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
एसआईटी की जाँच कोर्ट की निगरानी में अब भी जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी सबूतों और गवाहियों की आगे गहन जांच की जाएगी।


