आखिर क्यो काशीपुर से भाजपा नेता और निगम महापौर ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर खड़े किए सवाल? दीपक बाली ने तराई के किस बड़े भाजपा नेता को बताया राजनीति का धृतराष्ट्र? काशीपुर में घुसने नहीं देने की किसको दी खुली चेतावनी… जानिए ऐसे ही कई सवालों के जबाव हमारी इस रपट में।
रफी खान/ संपादक K आवाज
उत्तराखंड बीजेपी में लंबे समय से अन्तरकलह की जो चिंगारी सुलग रही थी उसे गदरपुर विधायक और बीजेपी के कद्दावर नेता अरविंद पाण्डेय ने जिस प्रकार खुले मंच से हवा देते हुए शोला बना डाला है उससे ऐसा प्रतीत होता है 2027 से पहले कई के राजनीतिज्ञ आशियाने चपेट में आ झुलस ही नहीं सकते बल्कि जलकर तहस नहस हो सकते हैं? फिल वक्त मशहूर शायर राहत इंदौरी का ये शेर सबको याद आना चाहिए…लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है।

आपको बता दे राहत इंदौरी साहब की तर्ज पे आज काशीपुर के कद्दावर नेता और नगर निगम महापौर दीपक बाली ने भी शायराना अंदाज में विधायक अरविन्द पांडेय पर शेर… तुम्हारे साथ दोस्ताना पुराना था। तुम इसमें रंग ए सियासत कहां से ले आए। पढ़ते हुए जोरदार हमला बोला है।
आपको ज्ञात होगा कि आज भाजपा नेता और काशीपुर नगर निगम के मेयर दीपक बाली ने निगम सभागार में आज अचानक जज्बाती प्रेस कॉन्फ्रेंस आमंत्रित करते हुए पत्रकारों के बीच कहा कि बीजेपी नेता और गदरपुर विधायक अरविंद पाण्डेय जो मंशा लेकर गदर मचाने को कूटनीतिक सियासी बिसात बिछाने में मशगूल है वह सफल नहीं हो पाएगी। उनका इतना बड़ा राजनीतिक कैरियर है उसे उन्हें दांव पे नहीं लगाना चाहिए था एक तरफ वह बीजेपी पार्टी को अपनी राजनीतिज्ञ मां कहते है और दूसरी तरफ इसी राजनीतिज्ञ मां का चीरहरण करने की जुगत में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहां वह अगर अपनी ये मंशा लेकर काशीपुर में घुसने की कोशिश करेंगे तो उन्हें काशीपुर में घुसने नहीं दिया जाएगा।
इस दौरान मेयर दीपक बाली ने अपनी पार्टी के कई नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहां की पार्टी में एक ऐसा गिरोह है जो पार्टी को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश में है । मेरी मांग है हाईकमान ऐसे लोगों को चिन्हित कर निष्कासित किए जाने का काम करे। फिलहाल जो भाजपाई खेमे में आग लंबे समय से सुलग रही थी उसे कांग्रेस नहीं बल्कि बीजेपी नेताओं ने ही हवा दे दी है। एक तरफ जहां गदरपुर विधायक अरविंद पाण्डेय अपनी ही पार्टी के खिलाफ राजनीतिज्ञ मशाल जलाने के आरोपी बताए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी और सियासत दानों, जानकारों का कहना है कि आज काशीपुर महापौर की प्रेसवार्ता में विधायक अरविंद पाण्डेय पे सियासी हमला, पूर्व सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार बलराज पासी को पार्टी का धृतराष्ट्र कहना और कुछ पार्टी नेताओं को कूटनीतिक गिरोह बताना आग में घी डालने जैसा भी हो सकता है।


