उत्तराखंड प्रदेश में क्राइम कंट्रोल के लिए विशेष तौर से काम कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) जिससे अपराधी भी खौफ खाते है के दो जाबांजों ने इस वर्ष इस तरह से बड़े कारनामों को अंजाम दिया है कि जिससे प्रदेश की न केवल सुरक्षा व्यवस्था सुद्रण हुई है बल्कि अपराधी भी सूबे में अपराध करने से पहले सो बार सोचने को विवश हैं। जी हां एसटीएफ कुमाऊं यूनिट के प्रभारी एम पी सिंह और जवाज़ हेड कांस्टेबल रियाज अख्तर को इसी के चलते गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर पुलिस महानिदेशक मेडल से सम्मानित किया गया है। इस बड़ी खबर को डिटेल से नीचे पढ़े…
रफ़ी खान/ संपादक K आवाज
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) कुमायूँ यूनिट के दो अधिकारी/कर्मचारी को उनके विशिष्ट, साहसिक एवं सराहनीय कार्यों के लिए पुलिस महानिदेशक मेडल से सम्मानित किया गया है।
इंस्पेक्टर एम.पी. सिंह, प्रभारी – एसटीएफ कुमायूँ यूनिट द्वारा वर्ष 2025 के दौरान अवैध हथियारों की तस्करी के विरुद्ध अत्यंत प्रभावी, योजनाबद्ध एवं निर्णायक कार्यवाही करते हुए कुमायूँ क्षेत्र में सक्रिय बाहरी राज्यों के 04 संगठित तस्कर गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। इस बड़ी कार्यवाही में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं पंजाब से राज्य में तस्करी कर लाए जा रहे 16 अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल, 01 राइफल एवं 40 कारतूस बरामद किए गए। यह एसटीएफ कुमायूँ की अब तक की सबसे बड़ी हथियार बरामदगी मानी जा रही है, जिससे संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार हुआ है।

इसी क्रम में हेड कांस्टेबल रियाज अख्तर, एसटीएफ कुमायूँ यूनिट द्वारा पिछले एक वर्ष में ईनामी एवं हार्डकोर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों के दौरान सटीक, विश्वसनीय एवं तकनीकी इनफारमेशन एकत्र कर 06 कुख्यात ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। ये अपराधी लंबे समय से फरार रहकर कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बने हुए थे। आपको बता दे एसटीएफ जवाज़ रियाज अख्तर काशीपुर के मोहल्ला अल्ली खा के निवासी है जिसके चलते उनकी उपरोक्त उपलब्धियों और इस सम्मान पर काशीपुर और मोहल्लेवासी खुद को गौरवांदित महसूस करते है तो वहीं काशीपुर की जनता द्वारा उनको सम्मान के चलते बधाईयां मिलने का सिलसिला बना हुआ है।
साथ ही आपको बता दें इन दोनों अधिकारी/कर्मचारियों को दिया गया यह सम्मान उनकी कर्तव्यनिष्ठा, पेशेवर दक्षता एवं उत्कृष्ट सेवा भावना का प्रमाण है। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा की गई यह कार्यवाही राज्य में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


