रफी खान / संपादक K आवाज
काशीपुर। मौजूदा दौर में जहां भारतीय जनता पार्टी 2027 में पुनः सत्ता पर काबिज होने के सपने सजोए हुए है तो वहीं दूसरी और लंबे समय से अंदर ही अंदर सुलग रही अंतर्कलह की चिंगारी को जिस प्रकार फूंक मारकर शोला बनाने की कवायद की जा रही है वह निसंदेह बीजेपी हाईकमान की आशाओं पर पलीता लगा सकती है क्योंकि बीजेपी में सियासी भूचाल दिन पे दिन थमने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। जिसका सीधा सीधा फायदा कांग्रेस और यूकेडी को मिलने की संभावना बनी हुई है।

भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार गदरपुर के विधायक अरविंद पाण्डेय अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ इस बार जिस तरह से आरपार की लड़ाई के मूड में बने हुए हैं उसने पार्टी के अंदर तमाम असंतुष्टों के मुंह पर लगे तालों को खोल दिया है जिसके बाद पार्टी दो खेमों में बटती प्रतीत हो रही है।
बीते रोज काशीपुर मेयर दीपक बाली ने जिस प्रकार गदरपुर विधायक अरविंद पाण्डेय पर हमला बोला और इनपर सीधा सीधा यह आरोप लगाते हुए कि वह सीएम पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ प्रपंच रच रहे है उसे किसी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा। यही नहीं उन्होंने गदरपुर विधायक को काशीपुर में अपने इरादों के तहत घुसने नहीं देने की चेतावनी तक दे डाली थी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बलराज पासी को धृतराष्ट्र की उपाधि से नवाजा था जिसके बाद हमने कल (K आवाज) की प्रकाशित खबर में दर्शाया था कि काशीपुर मेयर का उक्त मामले में सामने आना आग में घी डालने जैसा बन सकता है।
अब से कुछ ही देर में काशीपुर के चर्चित हिंदूवादी नेता गगन कांबोज द्वारा अपनी प्रेस कांफ्रेंस में ऐसे ही कुछ राजनीतिक धमाके करने की आशंका बनी हुई है।

फिलहाल उन्होंने जिस प्रकार अपने सोशल मीडिया एकाउंट पे जो दर्शाया है कि में बताऊंगा कौन धृतराष्ट्र है और कौन पार्टी का सच्चा सेवक है। उनकी इस बात के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा सकते है लेकिन फिलहाल हम इतना ही कहेंगे तेल देखो और तेल की धार देखो आगे आगे होता है किया।


