सूबे के तराई क्षेत्र काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की सुसाइड केस का मामला जहां एक और तेजी से राजनीतिज्ञ रूप लेता जा रहा है तो वहीं दूसरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एक्शन ने सुखवंत के परिजनों को कुछ राहत पहुंचाने का काम किया है। इसके बावजूद विपक्ष सिस्टम की नाकामी के चलते धामी सरकार पर लगातार प्रहार करता दिखाई दे रहा है। किसान सुखवंत सिंह की आवाज की गूंज ने जनपद उद्यम सिंह नगर ही नहीं पूरे प्रदेश को जीझोड के रख दिया है जिसके फलस्वरूप कांग्रेस सूबे की भाजपा सरकार को घेरे हुए है। काशीपुर कांग्रेस की जिलाध्यक्ष अलका पाल ने इस पर एक ब्यान जारी करते हुए कहां की अगर धामी सरकार की पकड़ सिस्टम पर होती तो आज हमारे बीच से एक किसान यूं नहीं जाता…और किया कुछ कहां उन्होंने आगे पढ़िए।
काशीपुर : कांग्रेस कमेटी की महानगर अध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री अलका पाल ने काठगोदाम थाना क्षेत्र के एक निजी होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने को अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक घटना बताया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला सुनियोजित ठगी और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा प्रतीत होता है। आत्महत्या से पूर्व सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में किसान सुखवंत सिंह द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, जिनमें जमीन के नाम पर लगभग 4 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल ने कहा कि आश्चर्य जनक और चिंताजनक है कि पूर्व में शिकायत के बावजूद समय रहते आखिर क्यों कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई ? उन्होंने कहा कि
एक किसान का इस तरह मानसिक रूप से टूटकर आत्महत्या जैसा कदम उठाना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। यह केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं,बल्कि हमारी न्याय व्यवस्था की भी कड़ी परीक्षा है।
कांग्रेस नेत्री अलका पाल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शीघ्र जाँच कराई जाए। कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। जांच में शासन_ प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही को कांग्रेस सहन नहीं करेगी। पीड़ित पक्ष को न्याय मिलना ही चाहिए।


